छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यधर मुफ्त बिजली योजना ने आम नागरिकों के जीवन में ऊर्जा क्रांति ला दी है। अब लोग केवल बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसके उत्पादक भी बन रहे हैं। इस योजना के तहत लोग अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन कर रहे हैं। इससे न केवल उनकी घरेलू बिजली जरूरत पूरी हो रही है, बल्कि बची हुई बिजली को बेचकर अतिरिक्त आय भी आर्जित कर रहे हैं।
रायगढ़ के सावित्री नगर निवासी श्री प्रदीप पटेल इस योजना का बेहतरीन उदाहरण हैं। उन्होंने अपने घर पर 3 किलोवाट का सौर पैनल स्थापित किया, जिससे उनका बिजली बिल लगभग समाप्त हो गया। इस प्रणाली को लगाने में केंद्र सरकार से 78,000 रुपये और राज्य सरकार से 30,000 रुपये की सब्सिडी मिली, जो कुल 1,08,000 रुपये की थी। आवेदन करने के मात्र 10 दिनों में सब्सिडी की राशि उनके खाते में जमा हो गई।
श्री पटेल के यहां प्रतिमाह 350-400 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जबकि उनका औसत मासिक खपत 500 यूनिट के आसपास है। इस तरह, उन्होंने अपनी ऊर्जा जरूरतों को स्वयं पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत—दोनों में योगदान दिया है। यह योजना छत्तीसगढ़ में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहीहै।
