छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर के मोपका इलाके में स्थित मुख्य बिजली सब स्टेशन में आज दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि सब स्टेशन से उठती ऊंची-ऊंची लपटें और घना काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई दिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया गया। समाचार लिखे जाने तक आग बुझाने की कार्रवाई जारी थी।
आग लगते ही एहतियातन शहर के आधे हिस्से की बिजली आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई, जिससे कई इलाकों में अचानक ब्लैकआउट हो गया। मोपका सब स्टेशन की कुल क्षमता करीब 480 मेगावाट बताई जा रही है, जिसमें से लगभग 320 मेगावाट बिजली शहर के बड़े हिस्से को सप्लाई की जाती है। सप्लाई बंद होने से रिहायशी इलाकों, बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बिजली गुल होते ही घरों और दुकानों में अंधेरा छा गया। कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल बंद होने से यातायात प्रभावित हुआ, वहीं कुछ स्थानों पर आवश्यक सेवाओं पर भी असर पड़ा। अचानक हुए ब्लैकआउट से आम लोग परेशान नजर आए और वैकल्पिक व्यवस्थाओं की जरूरत महसूस की गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद पूरे क्षेत्र में घना धुआं फैल गया, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। दमकल कर्मियों ने सुरक्षा मानकों के तहत इलाके को घेराबंदी कर खाली कराया और लगातार पानी व फोम की बौछार कर आग को फैलने से रोकने की कोशिश की।
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, हालांकि बिजली विभाग और प्रशासन की संयुक्त जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो पाएगा। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रित होने के बाद नुकसान का आकलन किया जाएगा और बिजली आपूर्ति को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। घटना को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है और हालात सामान्य करने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
