छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आयोजित एसएससी परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का एक गंभीर मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर तैनात पर्यवेक्षकों की सतर्कता से एक अभ्यर्थी को संदिग्ध गतिविधियों के चलते पकड़ा गया, जिसके बाद जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। तलाशी के दौरान उसके कान में सिम-ऑपरेटेड ब्लूटूथ डिवाइस और कपड़ों में छिपाए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच से स्पष्ट हुआ कि अभ्यर्थी इन उपकरणों की मदद से बाहर बैठे लोगों से प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर रहा था।
पकड़ा गया युवक राजस्थान के दौसा जिले का निवासी बताया गया है, जो एसएससी द्वारा आयोजित दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने बिलासपुर आया था। परीक्षा केंद्र पर जब ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों ने उसकी गतिविधियों पर संदेह जताया और पास जाकर जांच की, तो वह घबरा गया। इसके बाद की गई तलाशी में आधुनिक नकल उपकरणों की पुष्टि हुई। केंद्र प्रभारी ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद आरोपी को थाने ले जाकर पूछताछ की गई।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और परीक्षा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का मानना है कि इस मामले के तार किसी बड़े नकल गिरोह से भी जुड़े हो सकते हैं, क्योंकि बरामद उपकरण अत्यंत उन्नत और योजनाबद्ध तरीके से इस्तेमाल किए जा रहे थे।
फिलहाल पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संपर्कों की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकल की इस व्यवस्था में और कौन-कौन शामिल था। यह मामला एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है, साथ ही यह भी दर्शाता है कि सतर्कता से ऐसे संगठित प्रयासों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
