छत्तीसगढ़ मनरेगा के विकल्प के रूप में लाई गई वीबी-जी रामजी योजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का समापन किया गया। इस अवसर पर पार्टी नेताओं ने योजना को ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम बताया। कार्यशाला में प्रदेश भर से आए पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को योजना के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और जनसंपर्क रणनीति की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने अपने संबोधन में कहा कि वर्षों तक मनरेगा के नाम पर बड़े पैमाने पर राशि खर्च होने के बावजूद ग्रामीण इलाकों में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने इस योजना को केवल राजनीतिक साधन के रूप में इस्तेमाल किया, जिससे गांवों की बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी रहीं। इसके विपरीत, वीबी-जी रामजी योजना को धरातल पर वास्तविक बदलाव लाने वाली योजना बताया गया।
भाजपा नेताओं का कहना है कि इस नई योजना के तहत गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी। सड़क, पुलिया, गोदाम, जल-संरचना और अन्य आवश्यक सुविधाओं के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और पलायन पर भी रोक लगेगी।
कार्यशाला में यह भी तय किया गया कि पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर योजना की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएंगे। इसके लिए चौपाल, सम्मेलन और घर-घर संपर्क अभियान चलाया जाएगा, जो फरवरी के अंतिम सप्ताह तक जारी रहेगा। भाजपा का दावा है कि इस जनजागरूकता अभियान के जरिए ग्रामीणों को योजना से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएंगे।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पर भी निशाना साधा गया। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस का विरोध दरअसल गरीब, किसान और गांवों के विकास के खिलाफ है। उनका आरोप है कि कांग्रेस ने हमेशा महापुरुषों के नाम पर राजनीति की, लेकिन उनके विचारों को जमीन पर उतारने में विफल रही।
भाजपा ने भरोसा दिलाया कि वीबी-जी रामजी योजना के लागू होने से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, विकास और आत्मनिर्भरता का नया दौर शुरू होगा। इसे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में गांवों को मजबूत बनाने वाला अहम कदम बताया गया।
