नई दिल्ली: वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग में भारत की स्थिति में सुधार देखने को मिला है। Henley Passport Index 2026 के अनुसार भारतीय पासपोर्ट अब 80वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि पिछली रैंकिंग में यह 85वें नंबर पर था। इस तरह भारत ने 5 पायदान की उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब करीब 55 देशों में वीज़ा-फ्री या वीज़ा-ऑन-अराइवल यात्रा की सुविधा मिल रही है। यह संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कूटनीतिक पहुंच और वैश्विक भरोसे में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है।
तुलनात्मक रूप से देखें तो पड़ोसी देशों की स्थिति कमजोर बनी हुई है। पाकिस्तानी पासपोर्ट दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्टों में गिना गया है, जबकि बांग्लादेशी पासपोर्ट भी निचले पायदानों में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि वीज़ा नीतियों में नरमी, अंतरराष्ट्रीय समझौते और आर्थिक-कूटनीतिक स्थिरता पासपोर्ट की रैंकिंग तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
हालांकि भारत अभी भी टॉप-50 देशों में शामिल नहीं हो पाया है, लेकिन मौजूदा सुधार को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में यदि वीज़ा समझौतों की संख्या बढ़ती है, तो भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग और मजबूत हो सकती है।
