राजधानी रायपुर में जमीन के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस प्रकरण में एक कारोबारी से 11 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि लेकर बैंक में पहले से गिरवी रखी जमीन बेचने का आरोप लगाया गया है। मामला सरस्वती नगर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर, प्रमोटर और एक शेयरहोल्डर को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित कारोबारी विकास कुमार गोयल ने 16 जनवरी को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि 15 अक्टूबर 2025 को हाई-टेक एग्रीसिस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशकों और प्रॉपर्टी ब्रोकर रोहित कुमार घुटलहरे ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की सिमगा तहसील स्थित ग्राम नेवधा में करीब 22.347 हेक्टेयर भूमि को बेचने का प्रस्ताव दिया। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि जमीन किसी भी प्रकार के विवाद या बंधक से मुक्त है।
जमीन सौदे पर सहमति बनने के बाद पीड़ित कारोबारी ने अलग-अलग तिथियों में चेक और आरटीजीएस के माध्यम से कुल 11.51 करोड़ रुपये कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए। बाद में जब जमीन की गहन जांच कराई गई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि संबंधित भूमि पहले से ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में गिरवी रखी गई थी। इसके अलावा, इस जमीन को लेकर वर्ष 2019 में डेट रिकवरी ट्रिब्यूनल (DRT), मुंबई द्वारा भी आदेश पारित किया जा चुका था, जिसके तहत बैंक को वसूली का अधिकार प्राप्त था।
जब कारोबारी ने जमीन पर मौजूद बंधक को लेकर बैंक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मांगा, तो आरोपियों ने न तो एनओसी उपलब्ध कराई और न ही एडवांस की राशि लौटाई। इसके बाद 9 जनवरी 2026 को कंपनी को औपचारिक पत्र भेजा गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
पीड़ित का आरोप है कि कंपनी के डायरेक्टर, प्रमोटर, शेयरहोल्डर और प्रॉपर्टी ब्रोकर ने आपसी मिलीभगत से यह सौदा किया और जानबूझकर जमीन की वास्तविक स्थिति छिपाई। पुलिस ने मामले की जांच के बाद बीएनएस की धारा 318(4), 338 और 336(3) के तहत केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य नौ आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच गहनता से की जा रही है और ठगी से जुड़े सभी तथ्यों व लेन-देन की परतें खंगाली जा रही हैं।
