रायपुर: राजधानी रायपुर पुलिस ने ऑपरेशन ‘साइबर शील्ड’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए 6 राज्यों में फैले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। रेंज साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 6 शातिर ठगों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार कर रायपुर लाया। यह गैंग RTO ई-चालान, पीएम किसान योजना और PMGSY के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल करवाता था और करोड़ों की ठगी को अंजाम देता था।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने रायपुर के टिकरापारा और राखी थाना क्षेत्र में भी 17 लाख रुपये से ज्यादा की साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया था, जिसके बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जांच के दौरान ठगी का लिंक देश के कई राज्यों तक जुड़ता चला गया।
6 राज्यों से गिरफ्तार आरोपी
ऑपरेशन के दौरान दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार से अलग-अलग आरोपियों को पकड़ा गया। गिरोह में शामिल आरोपियों की पहचान शर्रेक कुमार, आलोक कुमार, चांद बाबू, धर्मजीत सिंह, मोहम्मद इरफान और मारूफ सिद्दीकी के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपी टेक्निकल भूमिकाओं में बंटकर काम करते थे, लेकिन आपस में एक-दूसरे को पहचानते भी नहीं थे।
आरोपियों की भूमिकाएँ
गिरोह का नेटवर्क काफी संगठित था। कोई फर्जी कंपनी बनाकर बैंक खाते खुलवाता था, कोई म्यूल अकाउंट इकट्ठा करता था और कोई फर्जी APK बनाकर लोगों को भेजता था। आरोपी मारूफ सिद्दीकी द्वारा बनाए गए APK लिंक को क्लिक करने पर पीड़ितों के मोबाइल में अनधिकृत एक्सेस मिल जाता था, जिसके बाद खाते से रकम उड़ जाती थी।
देशभर में फैला ठगी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह ने सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देशभर के 100 से ज्यादा लोगों को जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी की है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस ऑपरेशन की जानकारी अन्य राज्यों की पुलिस के साथ भी साझा की है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।
पुलिस की चेतावनी
रेंज साइबर थाना पुलिस ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि मोबाइल पर आए किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी अनजान एप्लीकेशन को डाउनलोड करें। केवल गूगल प्ले स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें और ऐप की परमिशन चेक करने के बाद ही इंस्टॉल करें।
