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October 21, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ की जेलों में बढ़ती मौतें: एक साल में 66 कैदियों की जान, व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

छत्तीसगढ़ की जेलों से सामने आए ताज़ा आंकड़ों ने राज्य की कारागार व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं। जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच प्रदेश की विभिन्न जेलों में कुल 66 बंदियों की मौत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा औसतन हर महीने 5 से 6 कैदियों की मृत्यु को दर्शाता है। यदि इसे दिनों में समझें तो लगभग हर छह दिन में एक बंदी की मौत हो रही है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक तंत्र बल्कि मानवाधिकार व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है।

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, जेल में होने वाली प्रत्येक मौत की जांच अनिवार्य होती है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जांच की प्रक्रिया अपनाई जाती है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 66 में से 18 मामलों की जांच पूरी कर ली गई है, जबकि शेष 48 मामलों में जांच अभी जारी है। हालांकि, जांच पूरी होने तक मौतों के वास्तविक कारणों पर स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आ पाती।

विशेषज्ञों का मानना है कि जेलों में अत्यधिक भीड़भाड़ एक बड़ी समस्या है। छत्तीसगढ़ की जेलों में निर्धारित क्षमता से लगभग 150 प्रतिशत तक अधिक कैदी बंद हैं। इस कारण संसाधनों की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव और प्रशासनिक अव्यवस्था जैसी समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं। भीड़भाड़ की स्थिति में संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है और मानसिक तनाव के मामलों में वृद्धि होती है, जो अप्रत्यक्ष रूप से मृत्यु दर को प्रभावित कर सकते हैं।

मानवाधिकार संगठनों ने इन मौतों को केवल आंकड़ों के रूप में देखने के बजाय संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रत्येक मौत के पीछे एक परिवार और एक सामाजिक पृष्ठभूमि जुड़ी होती है। इसलिए पारदर्शी जांच, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार, नियमित मेडिकल जांच और जेल सुधार योजनाओं को प्राथमिकता देना समय की मांग है।

राज्य सरकार और जेल प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे जेलों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करें, भीड़ नियंत्रण के प्रभावी उपाय लागू करें और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाएं। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे आंकड़े भविष्य में और अधिक चिंताजनक रूप ले सकते हैं। यह मुद्दा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा विषय है, जिस पर गंभीर और त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।

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