छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश में बढ़ती घुमंतू पशुओं की संख्या का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। इस विषय पर कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद ने सरकार से विस्तृत जानकारी मांगते हुए पूछा कि राज्य में वर्तमान में कितने घुमंतू पशु हैं तथा उनके संरक्षण और रखरखाव के लिए सरकार द्वारा क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने गौधामों के संचालन, उनकी वित्तीय स्थिति और पशुओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए।
इस पर पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने सदन में जवाब देते हुए बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में कुल 1 लाख 84 हजार 993 घुमंतू पशुओं की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार इन पशुओं के संरक्षण को लेकर गंभीर है और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनके लिए समुचित व्यवस्था की जा रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पशुधन संरक्षण के उद्देश्य से गौधाम योजना संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत अभी तीन गौधाम कार्यरत हैं।
इन गौधामों में कुल 620 पशुओं को सुरक्षित रखा गया है, जहां उनके लिए चारा, पानी, चिकित्सा सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का प्रयास है कि सड़कों और शहरी क्षेत्रों में घूम रहे पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिले और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सके। इसके अलावा राज्य के अन्य स्थानों पर भी नए गौधामों के निर्माण की प्रक्रिया जारी है, ताकि अधिक से अधिक घुमंतू पशुओं को संरक्षण मिल सके।
विधायक कुंवर सिंह निषाद ने गौधामों के रखरखाव और वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने जानना चाहा कि इन संस्थानों के संचालन के लिए कितनी आर्थिक सहायता दी जाती है और क्या वह पर्याप्त है। इस पर मंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा रही है और भविष्य में आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा।
इस प्रकार विधानसभा में घुमंतू पशुओं के संरक्षण और प्रबंधन को लेकर गंभीर चर्चा हुई, जिसमें सरकार ने आंकड़ों के साथ अपनी योजनाओं और प्रयासों की जानकारी प्रस्तुत की। यह मुद्दा न केवल पशु संरक्षण से जुड़ा है, बल्कि सड़क सुरक्षा और शहरी प्रबंधन से भी सीधे तौर पर संबंधित है, जिस पर आने वाले समय में और ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
