जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला थाना क्षेत्र में जमीन से जुड़ी ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीणों को सतर्क कर दिया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने खेत गिरवी रखने के नाम पर महिला से तीन लाख रुपये ठग लिए और बाद में उसी जमीन की फर्जी रजिस्ट्री कर उसे किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजलाल बर्मन को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने उससे खेत गिरवी रखने के बहाने तीन लाख रुपये लिए थे। आरोपी ने भरोसा दिलाया था कि निर्धारित समय पर राशि लौटाने के बाद जमीन वापस कर दी जाएगी। इसी दौरान उसने महिला से 100 रुपये के स्टांप पेपर पर एक इकरारनामा भी लिखवा लिया। महिला को विश्वास था कि यह दस्तावेज केवल गिरवी की प्रक्रिया के लिए है, लेकिन बाद में आरोपी ने उसी दस्तावेज का दुरुपयोग किया।
आरोप है कि इकरारनामे के आधार पर जमीन की फर्जी रजिस्ट्री तैयार कर ली गई और बाद में उसे किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया। जब महिला को इस धोखाधड़ी की जानकारी मिली, तो उसने तुरंत मुलमुला थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर त्वरित जांच शुरू की गई। जांच के दौरान दस्तावेजों की पड़ताल की गई और संबंधित गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है, जो धोखाधड़ी से संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत आता है। फिलहाल आरोपी न्यायिक रिमांड पर है और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच जारी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस मामले में और कोई व्यक्ति शामिल तो नहीं है।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन संबंधी लेन-देन में सतर्कता बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार के संपत्ति सौदे से पहले दस्तावेजों की विधिवत जांच कराएं और कानूनी सलाह अवश्य लें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
