छत्तीसगढ़ सोशल मीडिया और कुछ समाचार समूहों में इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक किशोर के हाथ बांधकर कुछ लोगों द्वारा उसकी पिटाई करते हुए दिखाया जा रहा है। इस वीडियो को लेकर कांग्रेस के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस वीडियो को अपने ऑफिशियल फेसबुक पर पोस्ट करके कबीरधाम जिले की घटना बताते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। हालांकि अब पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोप स्पष्ट रूप से गलत थे।

कबीरधाम SP ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही घटना का जिले से कोई संबंध नहीं है। पुलिस के अनुसार 16 वर्षीय अमरलाल, जो ग्राम कुकरापानी थाना तरेगांव का निवासी था, 18 फरवरी 2026 को बिना बताए घर से निकल गया था। परिजनों ने बताया कि वह मानसिक रूप से कमजोर था, हालांकि इस संबंध में थाना तरेगांव में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 26 फरवरी 2026 को मध्यप्रदेश के मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बडखेड़ा में कुछ लोगों द्वारा उसके साथ मारपीट की गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद डायल 112 वाहन के माध्यम से घायल किशोर को उपचार के लिए बिछिया अस्पताल पहुंचाया गया था। बताया जाता है कि रात करीब 2 से 3 बजे के बीच वह अस्पताल से बाहर निकल गया, जिसके बाद सड़क दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
गंभीर चोट लगने के कारण 27 फरवरी 2026 को उसकी मौत हो गई। इस मामले में थाना बिछिया में दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं—एक मारपीट से संबंधित और दूसरा सड़क दुर्घटना में मृत्यु के संबंध में। पुलिस द्वारा दोनों मामलों की विधिवत जांच की जा रही है।
इस पूरे मामले में यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस द्वारा वायरल वीडियो के आधार पर कबीरधाम जिले को लेकर लगाए गए आरोप सही नहीं थे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या जानकारी को बिना सत्यापन के सोशल मीडिया पर साझा न करें, नहीं तो कांग्रेस के आईटी सेल में एफआईआर दर्ज की जाएगी
