छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव और 1972 बैच के वरिष्ठ IAS अधिकारी बी.के.एस. रे का निधन हो गया। उनके निधन से प्रशासनिक और साहित्यिक जगत में शोक की लहर है। उन्होंने लंबे समय तक प्रशासनिक सेवा में रहकर प्रदेश को अपनी सेवाएं दीं।
रिटायरमेंट के बाद बी.के.एस. रे पूरी तरह साहित्य लेखन से जुड़ गए। उन्होंने 50 से ज्यादा किताबें लिखीं, जिनमें उपन्यास, कविता संग्रह और सामाजिक विषयों पर आधारित रचनाएं शामिल हैं। उनकी लेखनी में समाज, प्रशासन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों की झलक देखने को मिलती थी।
बी.के.एस. रे का जीवन प्रशासन और साहित्य का अनोखा संगम माना जाता है। उनके निधन को छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
