छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्म विभूषण सम्मानित तीजन बाई का 70 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने रायपुर में अंतिम सांस ली। लंबे समय से अस्वस्थ चल रही तीजन बाई ने अपनी अनूठी गायन शैली और प्रभावशाली प्रस्तुति से पंडवानी को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में नई पहचान दिलाई।
महाभारत की कथाओं को लोक शैली में प्रस्तुत करने की प्रेरणा उन्हें अपने नाना से मिली थी। महज 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने पहली बार मंच पर प्रस्तुति दी थी। लोककला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया गया। उनके निधन से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर है।
