छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के क्रमोन्नति वेतनमान (क्रोमोत्रिति वेतनमान) को लेकर चल रहा विवाद अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। यह मामला लंबे समय से शिक्षकों और शासन के बीच टकराव का कारण बना हुआ था।
रायपुर से मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट कल एक साथ 300 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। इनमें वे मामले भी शामिल हैं, जिनमें शिक्षकों ने शासन को अभ्यावेदन (रिप्रजेंटेशन) प्रस्तुत किया था। लेकिन शिक्षा विभाग और डीपीआई (DPI) ने विभिन्न नियमों का हवाला देते हुए इन आवेदनों को पहले ही खारिज कर दिया था। इससे शिक्षकों में गहरी निराशा फैल गई और मामला न्यायालय तक पहुंचा।
हाईकोर्ट ने आज स्पष्ट कर दिया है कि कल सभी मामलों की एक साथ सुनवाई होगी और इस विषय को अनावश्यक रूप से लंबा नहीं खींचा जाएगा। अदालत ने दोनों पक्षों—शासन और याचिकाकर्ताओं—से कहा है कि वे पूरी तैयारी के साथ प्रस्तुत हों, ताकि कल ही सभी याचिकाओं पर अंतिम बहस पूरी की जा सके।
इस सुनवाई से न केवल हजारों शिक्षकों की उम्मीदें जुड़ी हैं बल्कि यह फैसला आने वाले समय में पूरे शिक्षा तंत्र पर असर डाल सकता है। यदि न्यायालय शिक्षकों के पक्ष में निर्णय देता है तो यह उनके लिए बड़ी राहत होगी और लंबे समय से चली आ रही वेतनमान संबंधी समस्या का समाधान हो सकेगा।
