रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सूदखोरी और धोखाधड़ी के कुख्यात तोमर बंधुओं के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। भाठागांव में स्थित उनके 3000 स्क्वायर फीट के आलीशान बंगले को कोर्ट के आदेश पर कुर्क कर लिया गया है। इस बंगले में वीरेंद्र और रोहित तोमर का 1500-1500 स्क्वायर फीट का हिस्सा दर्ज है। दोनों भाई पिछले दो महीनों से पुलिस से फरार हैं, जिसके चलते पुलिस ने उनकी संपत्ति पर यह सख्त कदम उठाया।
क्या है मामला?
तोमर बंधु, वीरेंद्र और रोहित, पर सूदखोरी, मारपीट और धमकी देने के कई मामले दर्ज हैं। जानकारी के मुताबिक, वीरेंद्र ने 2008 में समता कॉलोनी में अंडे का ठेला लगाकर अपना धंधा शुरू किया था, और बाद में सूदखोरी का अवैध कारोबार शुरू कर दिया। दोनों भाइयों पर आरोप है कि वे ब्याज के नाम पर लोगों को डरा-धमकाकर वसूली करते थे। एक मामले में, 18 लाख रुपये के कर्ज के बदले उन्होंने 54 लाख रुपये वसूल लिए। उनके खिलाफ अब तक 6 से ज्यादा FIR दर्ज हो चुकी हैं।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
रायपुर पुलिस ने तोमर बंधुओं की गिरफ्तारी के लिए पहले ही 5-5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। SSP डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने उनकी संपत्तियों की जांच शुरू की। कोर्ट के आदेश पर SDM नंद कुमार चौबे ने भाठागांव में उनके बंगले को कुर्क किया। इसके अलावा, पुलिस ने 27 जुलाई को भारी पुलिस बल के साथ नगर निगम के सहयोग से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। सूत्रों के अनुसार, तोमर बंधुओं की 2016-17 में खरीदी गई 1.31 करोड़ रुपये की जमीन की मौजूदा कीमत 3 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
फरार भाइयों की तलाश जारी
पुलिस ने बताया कि तोमर बंधु और उनके गुर्गे अभी भी फरार हैं। उनकी पत्नियों से भी पूछताछ की कोशिश की गई, लेकिन अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई। कोर्ट ने दोनों भाइयों को 18 अगस्त तक पेश होने का अंतिम मौका दिया था, जिसके बाद यह कुर्की की कार्रवाई की गई। पुलिस ने उनकी अन्य संपत्तियों पर भी नजर रखी है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की उम्मीद जताई है।
प्रशासन का सख्त संदेश
SDM नंद कुमार चौबे ने कहा, “यह कार्रवाई अवैध साहूकारी के खिलाफ एक मजबूत कदम है। सूदखोरों को बख्शा नहीं जाएगा।” रायपुर पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई से शहर में अवैध साहूकारी के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
