छत्तीसगढ़ की राजनीति में नक्सलवाद का मुद्दा लंबे समय से विवादों का केंद्र रहा है। हाल ही में यह विषय एक बार फिर सुर्खियों में आया है जब भाजपा प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर सीधा हमला बोला। मामला उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी से जुड़ा है, जिसमें सुदर्शन रेड्डी का नाम सामने आने पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
मुख्य घटनाक्रम
रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने आदिवासी समाज का अपमान किया है। उनका आरोप है कि विपक्ष ने सुदर्शन रेड्डी को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाकर नक्सल समर्थकों को परोक्ष रूप से बढ़ावा दिया है। ठाकुर ने रेड्डी पर आरोप लगाया कि वह हमेशा वामपंथी नक्सलियों के पक्षधर रहे हैं और उनके फैसलों से नक्सलवाद को बल मिला है।
सलवा जुडूम पर विवाद
भाजपा प्रवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए सलवा जुडूम विरोधी फैसले को भी रेड्डी से जोड़ा। उनका कहना है कि यदि उस समय सलवा जुडूम के खिलाफ फैसला नहीं हुआ होता तो वर्ष 2020 तक नक्सलवाद समाप्त हो गया होता। इस फैसले से नक्सलियों को अप्रत्यक्ष रूप से सहारा मिला और आदिवासी समाज को अब तक उसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।
राजनीतिक टकराव
यह विवाद केवल नक्सलवाद तक सीमित नहीं है बल्कि आदिवासी समाज की अस्मिता और सम्मान से भी जुड़ा है। भाजपा इसे कांग्रेस की नीतिगत विफलता और नक्सल समर्थकों से नजदीकी के रूप में पेश कर रही है। वहीं कांग्रेस का तर्क है कि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है।
