राजधानी रायपुर में आगामी 27 और 28 मार्च को भव्य ‘प्रवासी छत्तीसगढ़िया समागम’ आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियों को लेकर विधानसभा स्थित समिति कक्ष में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनसंपर्क विभाग के सचिव रोहित यादव, आयुक्त डॉ. रवि मित्तल सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में समागम की रूपरेखा, व्यवस्थाओं और समन्वय पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि देश-विदेश से आने वाले प्रवासी छत्तीसगढ़वासियों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। आयोजन स्थल, आवास, परिवहन, पंजीयन व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया।
इस सम्मेलन में विदेशों में रह रहे छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को आमंत्रित किया जाएगा। उनके पंजीयन के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से वे आसानी से अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकेंगे। समागम का उद्देश्य प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को अपनी मातृभूमि से जोड़ना और राज्य के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, संस्कृति और व्यंजनों की झलक भी देखने को मिलेगी। सांस्कृतिक संध्या, लोक नृत्य, लोक संगीत और पारंपरिक कला के माध्यम से राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रवासी छत्तीसगढ़ियों को सम्मानित भी किया जाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि सम्मेलन के दौरान विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ प्रवासी छत्तीसगढ़ियों द्वारा युवाओं के लिए मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाएंगे। इससे राज्य के युवाओं को वैश्विक अनुभवों और नए अवसरों की जानकारी प्राप्त होगी।
इसके अलावा, विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रवासियों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यदि कोई प्रवासी नागरिक उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य या अन्य क्षेत्रों में निवेश अथवा कार्य करने की इच्छा जताता है, तो उनसे समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किया जाएगा।
कुल मिलाकर, ‘प्रवासी छत्तीसगढ़िया समागम’ राज्य और प्रवासी समुदाय के बीच संवाद, सहयोग और विकास की नई संभावनाओं को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक जुड़ाव को मजबूत करेगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास के नए द्वार भी खोलेगा
