छत्तीसगढ़ की राजनीति इन दिनों एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चा में वरिष्ठ नेता रविंद्र चौबे ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नेतृत्व संभालने के लिए सबसे उपयुक्त नेता बताया है। चौबे का कहना है कि बघेल के पास अनुभव, जनाधार और संगठन को मजबूत करने की क्षमता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की जनता आज भी बघेल को कांग्रेस का चेहरा मानती है।
हालांकि, इस बयान पर कांग्रेस के भीतर ही मतभेद देखने को मिले। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मंत्री टी.एस. सिंहदेव के करीबी माने जाने वाले बैज ने रविंद्र चौबे के समर्थन में कहा कि बघेल वास्तव में महाज्ञानी और रणनीतिक नेता हैं। दूसरी ओर, कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेता अमरजीत साव ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी आज अपने धरातल को पूरी तरह खो चुकी है और अब इसका भविष्य बचा नहीं है।
इन बयानों से साफ है कि कांग्रेस के भीतर गुटबाजी अभी भी गहराई तक बनी हुई है। जहां एक ओर कुछ नेता भूपेश बघेल को फिर से मजबूत चेहरा बनाना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर विरोधी धड़े मानते हैं कि कांग्रेस अब जनता का भरोसा खो चुकी है। इस आंतरिक खींचतान ने प्रदेश कांग्रेस की सियासत को और जटिल बना दिया है।
