April 17, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

34 साल पुराने पुलिस क्वार्टरों में जिंदगी खतरे में, 6 साल से नए मकान अधर में

रायपुर। पुलिस आवासों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब वहां रहना परिवारों के लिए खतरे से खाली नहीं है। दो ब्लॉक 34 साल पुराने हैं और उनमें बने 24 जर्जर मकानों में अभी भी करीब 20 परिवार रह रहे हैं। मकानों की दीवारें और छतें टूट रही हैं, कई जगहों पर दरारें इतनी गहरी हैं कि किसी भी वक्त हादसा हो सकता है।

छह साल से अटके नए मकान

इन मकानों के बदले नए आवास बनाने की योजना सालों पहले बनी थी, लेकिन अब तक इसका काम शुरू नहीं हुआ। पिछले 6 वर्षों से परिवार सिर्फ आश्वासन पर जी रहे हैं। मजबूरी में लोग बल्लियों और बांस का सहारा लेकर घर की छत थामे हुए हैं।

परिवारों में दहशत और निराशा

यहां रहने वाले पुलिसकर्मी और उनके परिजन हर वक्त डर में जीते हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी बिगड़ जाती है। कई बार प्रशासन से शिकायतें की गईं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

जरूरत तत्काल कार्रवाई की

विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्वार्टरों को अब पूरी तरह असुरक्षित घोषित कर दिया जाना चाहिए और जल्द से जल्द नए मकानों का निर्माण शुरू होना चाहिए। फिलहाल, अस्थायी तौर पर परिवारों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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