रायपुर: कैबिनेट बैठक में सबसे अहम फैसला नक्सली हमले में शहीद हुए ASP दिव्यांशु पटेल के परिवार को लेकर हुआ। सरकार ने उनकी पत्नी को डीएसपी (Deputy Superintendent of Police) पद पर नियुक्ति देने की घोषणा की है।
यह कदम शहीदों के परिवारों के सम्मान और सुरक्षा के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह फैसला उन सभी जवानों और अफसरों के लिए प्रेरणा बनेगा जो नक्सल मोर्चे पर डटे हैं।
- कारोबारियों को राहत: बिजली और स्टाम्प शुल्क में छूट
- बैठक में व्यापार जगत को राहत देने वाले कई फैसले भी हुए।
- छोटे और बड़े कारोबारियों के लिए बिजली शुल्क में छूट दी जाएगी।
- जमीन और प्रॉपर्टी रजिस्ट्री में लगने वाली स्टाम्प ड्यूटी घटाई जाएगी।
- सरकार का मकसद औद्योगिक निवेश बढ़ाना और नए रोजगार के अवसर पैदा करना है।
- इस कदम से प्रदेश में व्यापार करना आसान होगा और कारोबारियों का बोझ घटेगा।
पत्रकारों को आर्थिक सुरक्षा: पेंशन योजना
कैबिनेट ने प्रदेश के पत्रकारों को लेकर भी ऐतिहासिक फैसला लिया। अब प्रदेश के रिटायर्ड पत्रकारों को हर महीने ₹20,000 की पेंशन दी जाएगी। सूचना विभाग इस योजना को लागू करेगा और पात्र पत्रकारों की सूची बनाएगा। यह कदम पत्रकारों के योगदान को मान्यता देने और उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने के लिए उठाया गया है।
फैसलों का महत्व
- शहीद परिवार: सरकार ने संदेश दिया है कि बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, परिवार का पूरा ख्याल रखा जाएगा।
- व्यापारी वर्ग: टैक्स और चार्जेज घटने से उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा और रोजगार बढ़ेंगे।
- पत्रकार: सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने वाले पत्रकारों को आर्थिक संबल मिलेगा।
इन सभी फैसलों को लेकर संबंधित विभाग जल्द अधिसूचना जारी करेंगे। माना जा रहा है कि अगली बजट बैठक में सरकार और भी कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान कर सकती है।
विपक्ष ने फिलहाल इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन अमल पर पैनी नजर रखने की बात कही है।
