छत्तीसगढ़ भाजपा में नई टीम के गठन की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने बीते महीने नई कार्यकारिणी के गठन का ऐलान किया था और इसके साथ ही पार्टी के सात मोर्चों के अध्यक्षों की नियुक्ति भी की गई थी। संगठन के नियमों के अनुसार, मोर्चा अध्यक्षों को माह के अंत तक अपनी कार्यकारिणी तैयार कर लेनी थी, लेकिन धार्मिक आयोजनों और चल रहे सेवा पखवाड़े के कार्यक्रमों की वजह से यह काम निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो पाया।
अब जबकि नवरात्रि का समापन हो चुका है, पार्टी के भीतर उम्मीद जताई जा रही है कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह तक जिलों और मोर्चों की कार्यकारिणी की सूची जारी की जा सकती है। संगठन स्तर पर सूची को अंतिम रूप देने की तैयारी शुरू हो चुकी है और पदाधिकारियों की अनुमति के बाद फाइनल सूची पर मुहर लगाई जाएगी।
जानकारी के अनुसार, 31 अगस्त को राष्ट्रीय नेताओं की बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और समय पर कार्यकारिणी गठित करने के निर्देश दिए गए थे। वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट कहा था कि हर मोर्चा अपने मार्गदर्शन में टीम तैयार करे। इसके बावजूद अब तक कई मोर्चों और जिलों की कार्यकारिणी घोषित नहीं हो सकी है। रायपुर शहर, रायपुर ग्रामीण और एक दर्जन से अधिक जिलों में नई कार्यकारिणी का गठन लंबित है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कार्यकारिणी गठन में हो रही देरी से संगठनात्मक मजबूती पर असर पड़ सकता है। अगस्त में ही सभी जिलों की सूची जारी करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब यह काम अक्टूबर तक खिंच गया है।
सूत्रों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों और व्यस्त कार्यक्रमों के कारण यह प्रक्रिया रुकी थी, लेकिन अब जल्द ही मोर्चों और जिलों की कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया जाएगा। कुल मिलाकर भाजपा की नई टीम के गठन की प्रक्रिया अभी अधूरी है, और कार्यकर्ता अब अगले माह इसका इंतजार कर रहे हैं।
