अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल से हत्या के मामले में सजा काट रहा कैदी मुकेश कांत पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए फरार हो गया। इस घटना ने जेल प्रशासन और पुलिस निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, मुकेश कांत बिलासपुर जिले के ग्राम मल्हार का निवासी है। उसे हत्या के मामले में अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह पहले बिलासपुर केंद्रीय जेल में सजा काट रहा था, जहाँ से बाद में उसे अंबिकापुर जेल स्थानांतरित किया गया।
जेल में रहते हुए कैदी की तबीयत खराब हो गई थी। यूरीन संबंधित बीमारी की शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने उसे इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में कैदी को जेल वार्ड में रखा गया था और उसकी सुरक्षा के लिए जिला पुलिस बल का आरक्षक तैनात किया गया था।
इसी दौरान मुकेश कांत ने मौका पाकर ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी को चकमा दे दिया और फरार हो गया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। तुरंत ही पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई और मणिपुर थाना क्षेत्र में कैदी की फरारी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
फरार कैदी की तलाश के लिए पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। आसपास के जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और पुलिस टीमें लगातार संभावित ठिकानों की जांच कर रही हैं।
सुरक्षा में लापरवाही बरतने के कारण एसपी राजेश अग्रवाल ने ड्यूटी पर तैनात आरक्षक मदन लाल पैकार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जल्द ही आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया जाएगा।
