शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और शिक्षकों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाने वाला एक शर्मनाक मामला सामने आया है। रेवती नवागांव के प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ प्रधान पाठक राजेंद्र सुनहरे बीईओ कार्यालय पहुंचे और शराब के नशे में बेसुध होकर जमीन पर पड़े मिले। इस घटना ने पूरे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा दिया और उच्च अधिकारियों ने तत्काल सख्त कार्रवाई करते हुए शिक्षक को निलंबित कर दिया।
घटना की जानकारी के अनुसार, राजेंद्र सुनहरे कुछ देर पहले ही बीईओ कार्यालय आए थे। थोड़ी ही देर में वहां मौजूद कर्मचारियों ने देखा कि वे नशे में जमीन पर पड़े हुए हैं। इसकी सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। मामला गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबन के आदेश जारी किए और जांच शुरू करने के निर्देश दिए।
कार्यालय में मौजूद शिक्षकों और कर्मचारियों के अनुसार, यह घटना बेहद शर्मनाक थी और शिक्षक की गरिमा पर प्रश्नचिह्न लगाती है। अधिकारियों ने इसे “अशोभनीय आचरण” और “शिक्षक की मर्यादा के विपरीत व्यवहार” बताया। साथ ही यह सरकारी सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन भी है।
इस घटना के बाद पूरे शिक्षा विभाग में अनुशासन और जिम्मेदारी को लेकर सख्ती की बात की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने पर शिक्षक पर और भी कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। यह मामला इस बात की याद दिलाता है कि शिक्षा विभाग में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति से मर्यादित और जिम्मेदार आचरण की अपेक्षा की जाती है।
