बालोद जिले में पुलिस विभाग के भीतर अनुशासनहीनता का एक मामला सामने आया, जिसने पूरे महकमे में हलचल पैदा कर दी। जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा जारी किए गए स्थानांतरण आदेश की अनदेखी थाना स्तर पर की गई, जिसे गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई की गई। मामला अर्जुन्दा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां एक आरक्षक का विधिवत तबादला आदेश जारी होने के बावजूद उसे समय पर रिलीव नहीं किया गया।
बताया जाता है कि एसपी द्वारा आरक्षक पंकज तारम का ट्रांसफर आदेश जारी किया गया था, लेकिन थाना प्रभारी ने आदेश का पालन नहीं किया। इसके चलते संबंधित आरक्षक को नए पदस्थापना स्थल पर ज्वाइनिंग देने में भी देरी हुई। जब यह पूरा मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया तो इसे प्रशासनिक अनुशासन के उल्लंघन के रूप में देखा गया।
पुलिस अधीक्षक ने इस लापरवाही और आदेश की अवहेलना को गंभीर मानते हुए थाना प्रभारी और आरक्षक दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई और यह संदेश स्पष्ट रूप से गया कि वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थानांतरण प्रशासनिक प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा होता है और इसका समय पर पालन अनिवार्य है। आदेशों की अवहेलना से न केवल विभागीय व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि अनुशासन पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। ऐसे में एसपी द्वारा की गई यह सख्त कार्रवाई विभाग के भीतर अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक कड़ा संदेश मानी जा रही है।
