छत्तीसगढ़ में चक्रवात ‘मौचा’ का प्रभाव समाप्त होते ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बीते कुछ दिनों से हो रही बारिश की गतिविधियाँ अब थम चुकी हैं और आसमान साफ़ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों में प्रदेश में शुष्क और ठंडी हवाएँ चलेंगी, जिससे रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जाएगी। इससे सुबह और देर रात के समय ठंड का असर साफ महसूस होगा।
विभाग का कहना है कि समुद्र से आने वाली नम हवाओं का प्रभाव अब समाप्त हो गया है, जबकि उत्तर-पूर्व दिशा से सूखी हवाएँ आने लगी हैं। इसी कारण आने वाले एक सप्ताह तक राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है। मौसम सामान्य रहेगा और लोगों को हल्की ठंड का अनुभव होने लगेगा।
शनिवार को राज्योत्सव के दिन मौसम पूरी तरह सामान्य रहा। आसमान में हल्के बादल तो दिखे, पर कहीं भी बारिश नहीं हुई। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव समेत सभी जिलों में कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हुए। रायपुर में न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री और बिलासपुर में 23.7 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से कुछ अधिक रहा।
हालांकि, बीते सप्ताह हुई बारिश ने किसानों के लिए परेशानी खड़ी कर दी। कवर्धा, रायगढ़, बिलासपुर और सरगुजा समेत कई जिलों में भारी वर्षा के कारण खेतों में खड़ी और कटी हुई फसलें बर्बाद हो गईं। कई जगह धान की बालियाँ पानी में डूब गईं, तो कहीं फसलें झुककर टूट पड़ीं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अब अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आएगी। दिन में धूप हल्की रहेगी, जबकि रातें ठंडी होंगी। लोगों को अब सर्दी के कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगेगी।
