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September 8, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

1.70 करोड़ कॉल्स से बनी जिंदगी की लाइन: छत्तीसगढ़ का ‘112 मॉडल’ बना भरोसे का नंबर, 4 लाख लोगों की जान बची; जानिए सिस्टम कैसे करता है चमत्कार

छत्तीसगढ़ का “डायल 112” अब सिर्फ एक हेल्पलाइन नहीं, बल्कि लोगों की ‘जिंदगी की सुरक्षा रेखा’ बन चुका है। बीते कुछ वर्षों में इस नंबर पर 1.70 करोड़ से ज्यादा कॉल्स आए, जिनमें से लगभग 4 लाख मामलों में तुरंत रेस्क्यू या मेडिकल सहायता देकर लोगों की जान बचाई गई।

राज्य के 17 जिलों में यह सुविधा अभी सक्रिय है और इसे जल्द ही पूरे प्रदेश में विस्तार देने की योजना है। 112 का यह सिस्टम पुलिस, एम्बुलेंस और फायर—तीनों सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ता है। किसी भी आपात स्थिति में सिर्फ एक कॉल पर मदद पहुंचाने की यह इंटीग्रेटेड रिस्पॉन्स सिस्टम (ERS) तकनीक देश के अन्य राज्यों के लिए मॉडल बन रही है।

जब कोई नागरिक 112 पर कॉल करता है, तो कंट्रोल रूम में तुरंत उसकी लोकेशन ट्रैक होती है। वहां से सबसे नजदीकी रिस्पॉन्स टीम (PCR या एम्बुलेंस) को निर्देश भेजा जाता है। पूरी प्रक्रिया रीयल टाइम ट्रैकिंग के तहत होती है — जिससे मिनटों में सहायता पहुंचती है।

कई बार ये कॉल्स सड़क हादसों, घरेलू हिंसा, मेडिकल इमरजेंसी या महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी होती हैं। आंकड़े बताते हैं कि सबसे ज्यादा कॉल्स सड़क दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य आपात स्थितियों से संबंधित हैं।

राज्य सरकार ने अब इस सेवा को स्मार्ट मॉनिटरिंग और डेटा-एनालिटिक्स सिस्टम से जोड़ने की तैयारी की है, ताकि प्रत्येक कॉल का रेस्पॉन्स टाइम और एफिशिएंसी मापी जा सके।

  • “डायल 112” — एक कॉल, तीन मददें
  • 17 जिलों से 24×7 रिस्पॉन्स, हर घंटे सैकड़ों कॉल्स
  • टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग ने बनाया भरोसेमंद नेटवर्क
  • महिलाओं और बुजुर्गों के लिए बना ‘सुरक्षा साथी’ नंबर

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