रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 14 नवंबर को राज्य मंत्रिपरिषद की अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में राज्य की तीन बड़ी नीतिगत दिशाओं पर फैसला लिया जा सकता है—धान खरीदी की तैयारियाँ, जनजाति गौरव दिवस के आयोजन, और विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तिथि निर्धारण।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित होगी। बैठक में खाद्य, कृषि और सहकारिता विभागों की ओर से धान खरीदी की स्थिति पर प्रस्तुति दी जाएगी। सरकार ने इस बार किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर पर धान खरीदी करने का फैसला पहले ही किया है। खरीदी 15 नवंबर से 31 जनवरी तक चलेगी और राज्यभर में 2739 खरीद केंद्र बनाए जा रहे हैं।
धान खरीदी के लिए किसानों की ई-KYC और बायोमेट्रिक सत्यापन व्यवस्था को भी लागू किया गया है ताकि खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और सुगम रहे। बैठक में यह भी तय किया जा सकता है कि इस बार खरीदी के भुगतान की समयसीमा कम कर 10 कार्यदिवसों के भीतर भुगतान हो।
जनजाति गौरव दिवस की तैयारियों पर विशेष फोकस
बैठक का दूसरा अहम एजेंडा जनजाति गौरव दिवस (15 नवंबर) है, जो बिरसा मुंडा की जयंती के रूप में पूरे राज्य में धूमधाम से मनाया जाएगा। कैबिनेट में जिलों के आयोजन कार्यक्रमों की रूपरेखा, अतिथियों की सूची और बजट स्वीकृति पर मुहर लग सकती है। सरकार चाहती है कि यह आयोजन प्रदेश की जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला बने।
शीतकालीन सत्र की तिथि पर फैसला संभव
कैबिनेट का तीसरा बड़ा विषय राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर है। माना जा रहा है कि यह सत्र दिसंबर के पहले सप्ताह में बुलाया जा सकता है। सत्र में बजट संशोधन, नई योजनाओं के प्रस्ताव और विभागीय नीतियों पर चर्चा होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यह बैठक सरकार के लिए नीतिगत दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है—एक ओर किसानों को राहत देने वाले निर्णय, तो दूसरी ओर जनजातीय समाज को सम्मान और राजनीतिक संदेश देने की रणनीति।
संभावित फैसले
- 15 नवंबर से धान खरीदी की आधिकारिक शुरुआत
- 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर पर खरीदी
- 2739 केंद्रों में बायोमेट्रिक सिस्टम लागू
- जनजाति गौरव दिवस के लिए विशेष आयोजन बजट
- दिसंबर में शीतकालीन सत्र बुलाने पर सहमति
