छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान ने तेज रफ्तार पकड़ ली है। राज्य सरकार ने शुरुआती पाँच दिनों में ही किसानों से 14 लाख क्विंटल से ज्यादा धान खरीद लिया है, जिसकी कुल कीमत 450 करोड़ 87 लाख 98 हजार रुपये से अधिक है।
राज्य भर में संचालित धान खरीदी केंद्रों पर व्यवस्था सुधारने और भुगतान में देरी न हो, इसके लिए जिला व राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।
मार्कफेड की ओर से अब तक 214.18 करोड़ रुपये एपेक्स बैंक को जारी कर दिए गए हैं, जबकि सरकार ने पहले ही 26,200 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी उपलब्ध करा दी है ताकि किसानों का भुगतान समय पर हो सके।
इस वर्ष 26.50 लाख किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन कराया है और पंजीकृत धान का कुल रकबा 29.27 लाख हेक्टेयर है। किसानों के मुताबिक ‘टोकन तुंहर ऐप’ से ऑनलाइन टोकन की प्रक्रिया आसान हुई है, जिससे खरीदी केंद्रों में भीड़ कम हो रही है और बिक्री सुगम हुई है।
सरकार की विशेष निगरानी के चलते बाहरी धान की एंट्री रोकने के लिए चेकपोस्ट पर सख्त तैनाती की गई है। अब तक 373 मामलों में कार्रवाई करते हुए 25,567 क्विंटल अवैध धान जब्त किया जा चुका है।
जिलावार खरीदी (प्रमुख आंकड़े)
- बालोद – 1,44,468 क्विंटल
- बेमेतरा – 1,86,972 क्विंटल
- दुर्ग – 1,33,514 क्विंटल
- कवर्धा – 58,958 क्विंटल
- राजनांदगांव – 1,60,247 क्विंटल
- खैरागढ़–छुईखदान–गंडई – 90,416 क्विंटल
- बलौदाबाजार–भाटापारा – 1,18,565 क्विंटल
- धमतरी – 1,55,275 क्विंटल
- गरियाबंद – 64,090 क्विंटल
- महासमुंद – 60,883 क्विंटल
- रायपुर – 1,52,850 क्विंटल
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चले और प्रत्येक किसान को समय पर भुगतान मिले।
