दुर्ग जिले के जेवरा-सिरसा थाना क्षेत्र के भटगांव में रविवार को ट्रांसफार्मर की मरम्मत के दौरान करंट लगने से बिजली कर्मचारी संतोष ठाकुर की मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
तकनीकी खराबी के बाद मौके पर पहुंचे कर्मचारी
जानकारी के अनुसार, भटगांव के पास स्थित ट्रांसफार्मर में सुबह तकनीकी खराबी आ गई थी। शिकायत मिलने पर बिजली विभाग का एक नियमित कर्मचारी और निजी लाइनमैन संतोष ठाकुर मरम्मत के लिए मौके पर पहुंचे। ट्रांसफार्मर ठीक करते समय अचानक संतोष करंट की चपेट में आ गए।
करंट लगते ही वह वहीं गिर पड़े। साथी कर्मचारी और ग्रामीण उन्हें तत्काल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों ने विभाग पर लगाया गंभीर आरोप
घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि विभाग कर्मचारियों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण—जैसे सेफ्टी किट, दस्ताने, गमबूट—के काम पर भेजता है। ग्रामीणों का आरोप है कि संतोष ठाकुर से बिना लाइन शटडाउन लिए भारी जोखिम वाला काम करवाया जा रहा था।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग सुरक्षा मानकों का पालन करता तो संतोष की जान बच सकती थी। उन्होंने मांग की कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
चक्का जाम से यातायात प्रभावित
हादसे की खबर फैलते ही ग्रामीण और परिजन सड़क पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया। करीब आधे घंटे से अधिक समय तक क्षेत्र का यातायात बाधित रहा।
पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद स्थिति सामान्य
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक विभागीय अधिकारी मौके पर आकर लिखित आश्वासन नहीं देंगे, वे जाम नहीं हटाएंगे।पुलिस और प्रशासन ने समझाइश देकर भीड़ को शांत कराया। अधिकारियों ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग दोषियों पर कार्रवाई नहीं करतातो वे दोबारा आंदोलन करेंगे।
