छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गीदम में 7 से 13 दिसंबर तक आयोजित होने वाले शिव महापुराण कथा को लेकर तैयारियाँ तेज़ हो गई हैं। मशहूर कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा सात दिवसीय प्रवचन देंगे। आयोजन समिति के अनुसार प्रतिदिन लगभग 1.5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने करीब 500 जवानों की तैनाती की तैयारी कर ली है।
25 एकड़ में तैयार हो रहा भव्य डोम
आयोजन स्थल के रूप में गीदम के हारमपारा इलाके में मंडी के पास लगभग 25 एकड़ जगह चुनी गई है। यहां विशाल डोम शेड बनाया जा रहा है, जिसमें लगभग एक से डेढ़ लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था होगी। मंच निर्माण, साउंड सिस्टम और लाइटिंग का काम भी तेजी से चल रहा है।
मुख्य आयोजक और समिति
मुख्य आयोजक विजय प्रसाद तिवारी ने बताया कि इस आयोजन की तैयारी लगभग दो वर्षों से चल रही थी, जो अब पूरी होती दिख रही है। समिति में अभिलाष तिवारी, जय प्रकाश सिंह, राकेश कुमार मिश्रा, कृष्णचंद अवस्थी, राजेश गुप्ता (झल्लर), जगदीश राठी और पंचू साहू प्रमुख पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
ASP आर.के. वर्मन के अनुसार, कार्यक्रम स्थल और आसपास के इलाकों में 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। शहर के महत्वपूर्ण मार्गों—बारसूर, दंतेवाड़ा और बीजापुर—पर सुरक्षा के लिए आउटर कॉर्डन बनाया जाएगा। CCTV कैमरों से हर गतिविधि पर कड़ी नजर रहेगी।
पार्किंग की 5 बड़ी व्यवस्था
गीदम थाना प्रभारी विजय पटेल ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए 5 बड़े पार्किंग ज़ोन बनाए जा रहे हैं—
- मंच के पास VIP पार्किंग
- बीजापुर रोड के किनारे FCI गोदाम के पास
- जगदलपुर-दंतेवाड़ा मार्ग किनारे
- बारसूर रोड पर सोनारपारा चौक के पास दोनों तरफ
- अन्य सहायक पार्किंग स्थल
आमजन के लिए प्रवेश बारसूर रोड की ओर से होगा, जबकि VIP प्रवेश बीजापुर रोड की तरफ से रखा गया है।
महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था
कार्यक्रम स्थल के सामने बारसूर रोड के किनारे बने भवन में महिलाओं के रुकने की व्यवस्था की जा रही है। पूरे परिसर में चालित शौचालय, साफ पानी और सातों दिन भंडारा की सुविधा रहेगी। सभी भक्तों को भोजन और पेयजल निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
दूर-दूर से आएंगे श्रद्धालु
आयोजकों के अनुसार, दंतेवाड़ा जिले के अलावा बस्तर संभाग, छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी भारी संख्या में लोग शिव महापुराण सुनने पहुंचेंगे। भीड़ के अनुमान और भव्यता को देखते हुए प्रशासन और समिति दोनों स्तर पर तैयारियाँ युद्धस्तर पर जारी हैं।
