छत्तीसगढ़ 14-15 अप्रैल 1912 की वो भयावह रात, जब टाइटैनिक समुद्र में डूब रहा था और हर ओर चीख-पुकार मची थी। हजारों लोगों की जान खतरे में थी। उसी जहाज में जांजगीर, छत्तीसगढ़ में लड़कियों की शिक्षा के लिए काम करने वाली एनी क्लेमर फंक भी मौजूद थीं।
1906 में अमेरिका से आईं एनी ने जांजगीर में बेटियों के लिए स्कूल शुरू किया। उस दौर में जब लड़कियों की पढ़ाई को महत्व नहीं दिया जाता था, उन्होंने समाज में नई सोच जगाई।
1912 में मां की बीमारी की खबर सुनकर जल्दी घर पहुंचने के लिए टाइटैनिक से सफर चुना। सफर के बीच जहाज हिमखंड से टकराया।
हादसे के बीच उन्हें लाइफबोट में जगह मिली। सामने एक महिला मदद के लिए रो रही थी। एनी ने बिना एक पल गंवाए अपनी सीट उसे दे दी।
कुछ ही देर में टाइटैनिक समुद्र में डूब गया एनी क्लेमर फंक का शव कभी नहीं मिला । 1918 में उनकी याद में जांजगीर में फंक मेमोरियल स्कूल बनाया गया।
