उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में बीएलओ सर्वेश सिंह की आत्महत्या के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भोजपुर थाना क्षेत्र के निवासी सर्वेश सिंह ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। परिवार का आरोप है कि चुनावी कार्य में SIR फॉर्म के दबाव, अधिकारियों के लगातार निर्देश और मानसिक तनाव ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
पत्नी ने अंतिम संस्कार रोका, रखीं बड़ी मांगें
सर्वेश की पत्नी बबली ने प्रशासन के सामने कहा कि उनकी चारों बेटियां अभी नाबालिग हैं, घर में एक बुजुर्ग सास है और देवर-देवरानी बाहर रहते हैं। पति ही घर का एकमात्र सहारा थे।
बबली ने साफ कहा—
जब तक उचित मदद नहीं मिलेगी, हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।परिवार ने प्रशासन से 5 करोड़ रुपये का मुआवजा और सर्वेश सिंह की जगह सरकारी नौकरी की मांग की है। उनका कहना है कि बिना आर्थिक व नौकरी सहायता के परिवार और चार बच्चियों का भविष्य असंभव है।
डीएम बोले—सर्वेश का कार्य रिकॉर्ड अच्छा था
मुरादाबाद के डीएम अनुज सिंह ने बताया कि सर्वेश सिंह का कार्य रिकॉर्ड बहुत अच्छा था और उन्होंने लगभग 75% काम पूरा कर लिया था।
डीएम के अनुसार,उनके ऊपर कोई बड़ा लंबित कार्य नहीं था,उनके सुपरवाइजर से उनके पारिवारिक संबंध भी थे,यह समझ से परे है कि उन्होंने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया।
उन्होंने कहा कि मामला जांच का विषय है और प्रशासन व पुलिस दोनों स्तरों पर जांच चल रही है। आत्महत्या के साथ मिला सुसाइड नोट फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
पत्नी का दावा—DM, SDM और सुपरवाइजर के संदेशों से बढ़ा तनाव
बबली के अनुसार – अधिकारी हर रोज संदेश भेजते थे—“काम कितना हुआ? जल्दी पूरा करो, नहीं तो कार्रवाई होगी।”
सर्वेश को लगातार डर था कि नौकरी चली जाएगी या जेल हो जाएगा।यही तनाव उन्हें तोड़ गया।
बीएलओ की मौत पर जिले में हड़कंप
यह घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग से लेकर जिला प्रशासन तक सवालों के घेरे में है।
परिवार के मुताबिक :
SIR फॉर्म का दबाव और ऊपर से आ रहे निर्देश” इस आत्महत्या की मुख्य वजह हैं।परिवार ने चारों बेटियों के भविष्य को देखते हुए सरकार से विशेष आर्थिक सहायता और नौकरी की गुहार लगाई है।
