September 4, 2026
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अमेरिका में F-16 फाइटर जेट ट्रेनिंग के दौरान क्रैश: जमीन से टकराते ही धमाका, पायलट सेकंड्स पहले इजेक्ट होकर बचा

वॉशिंगटन/कैलिफोर्निया। अमेरिकी वायुसेना का एक F-16 फाइटर जेट गुरुवार को दक्षिणी कैलिफोर्निया के ट्रोना क्षेत्र में ट्रेनिंग मिशन के दौरान क्रैश हो गया। हादसा सुबह लगभग 10:45 बजे रेगिस्तान वाले इलाके में हुआ, जो ट्रोना एयरपोर्ट से करीब तीन किलोमीटर दूर बताया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा गया कि विमान तेज़ी से नीचे गिरता है और कुछ ही सेकंड पहले पायलट पैराशूट के सहारे सफलतापूर्वक इजेक्ट होकर बाहर निकलता हुआ दिखाई देता है। जमीन से टकराते ही विमान में बड़ा धमाका हुआ और काला धुआं आसमान में फैल गया।

ट्रेनिंग के लिए 6 जेट उड़े, लेकिन 5 ही लौटे

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सुबह 6 थंडरबर्ड्स जेट ट्रेनिंग मिशन के लिए उड़े थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, क्रैश हुआ विमान चीन लेक नेवल एयर वेपन स्टेशन के पास गिरा। यह एरिया अक्सर मिलिट्री ट्रेनिंग के लिए उपयोग में लिया जाता है।

पायलट को मामूली चोटें, अस्पताल में भर्ती

थंडरबर्ड्स टीम के अनुसार, पायलट इजेक्ट होने में सफल रहा और उसे हल्की चोटें आईं। प्राथमिक इलाज के लिए उसे अस्पताल ले जाया गया। स्थानीय फायर ब्रिगेड ने बताया कि घटनास्थल पर सिर्फ पायलट ही मौजूद था और आसपास के इलाके को कोई खतरा नहीं है।

किस स्क्वाड्रन का था जेट

क्रैश हुआ F-16, थंडरबर्ड्स स्क्वाड्रन का था—जो लास वेगास के नेलिस एयरफोर्स बेस से संचालित होता है और अपने एरियल स्टंट्स व एयर शो के लिए दुनिया भर में जाना जाता है।

F-16 से जुड़े तथ्य और इतिहास

32 साल में 750 से ज्यादा क्रैश

1974 में पहली उड़ान के बाद से दुनिया भर में करीब 750 F-16 हादसे दर्ज किए जा चुके हैं। यह लड़ाकू विमान 25 से ज्यादा देशों में उपयोग में है, जिससे इसके क्रैश के आंकड़े भी अधिक हैं।

हाल के बड़े हादसे—

2025, पोलैंड: F-16 क्रैश, पायलट की मौत।

2024, सिंगापुर और ग्रीस: टेकऑफ़ के दौरान क्रैश, पायलट सुरक्षित।

2015, स्पेन: क्रैश में दो पायलट और जमीन पर कई लोगों की मृत्यु।

F-16 की कीमत

अमेरिकी एयरफोर्स के 2021 डेटा के अनुसार एक F-16 फाइटिंग फाल्कन की औसत कीमत

18.8 मिलियन डॉलर (लगभग ₹1.70 हजार करोड़) है।

F-16 के हादसे क्यों होते हैं

1. इंजन फेलियर – उड़ान के दौरान इंजन रुकना सबसे बड़ा कारण।

2. पायलट की गलतियाँ – हाई-स्पीड डिसीजन, गलत मोड़, नियमों का उल्लंघन।

3. स्टंट/ट्रेनिंग उड़ानें – तेज़ गति और जटिल रूटीन।

4. पुराने एयरक्राफ्ट – पार्ट्स घिसना, रखरखाव की जरूरत बढ़ना।

भारत और F-16: क्यों डील नहीं हुई

अमेरिका वर्ष 2000 से F-16 भारत को बेचने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भारत ने खरीदने से इनकार किया। इसकी मुख्य वजह पाकिस्तान में पहले से मौजूद F-16 बेड़े को माना जाता है। अमेरिका-पाकिस्तान F-16 डील पर भारत पहले भी नाराज़गी जता चुका है।

F-16 की तकनीकी क्षमता 

  • स्पीड: 2414 km/h
  • रेंज: 4220 km
  • मैन्युफैक्चर: 4600+ जेट विभिन्न देशों के लिए तैयार
  • ऊंचाई: एक मिनट में 50,000 फीट तक
  • रडार: एडवांस्ड फायर-कंट्रोल
  • जनरेशन: 4th generation फाइटर

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