राजिम कुंभ मेले में व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर प्रशासन की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई, जब कलाकारों और आगंतुकों को मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध नहीं हो सकीं। इस अव्यवस्था की शिकायतें सामने आने के बाद स्थानीय विधायक रोहित साहू मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ-साथ इवेंट कंपनी के प्रतिनिधियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की लापरवाही से सरकार और प्रदेश की छवि धूमिल होती है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मामले की जड़ कलाकारों के भोजन और पेयजल की व्यवस्था से जुड़ी रही, जहां कार्यक्रम समाप्त होने के बाद भी कलाकारों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। पत्रकारों और नागरिकों ने भी इवेंट कंपनी पर मनमानी और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए थे, जिसके चलते स्थिति और गंभीर हो गई। विधायक ने इसे केवल एक छोटी चूक न मानते हुए प्रशासनिक जिम्मेदारी का बड़ा सवाल बताया और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विधायक रोहित साहू ने स्वयं पहल करते हुए सभी कलाकारों को अपने साथ एक निजी रेस्टोरेंट ले जाकर भोजन कराया। इस कदम को कलाकारों ने सराहा और इसे सम्मानजनक पहल बताया। विधायक ने कहा कि कलाकार किसी भी सांस्कृतिक आयोजन की आत्मा होते हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार की असुविधा या अपमान स्वीकार्य नहीं है।
पूरे घटनाक्रम ने राजिम कुंभ जैसे आस्था और संस्कृति से जुड़े बड़े आयोजन में व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। हालांकि जनप्रतिनिधि की तत्परता से तत्काल राहत जरूर मिली, लेकिन इस घटना ने प्रशासन और आयोजन समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सख्त निगरानी और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता स्पष्ट रूप से महसूस की जा रही है।
