छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सूदखोरी और आपराधिक गतिविधियों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लंबे समय से पुलिस को रोहित सिंह तोमर के खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं, जिनमें लोगों को ऊंची ब्याज दरों पर पैसा उधार देकर अवैध वसूली करना, दबाव बनाना और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की और पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपी के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी पर शहर के अलग-अलग थानों में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, धमकी और अन्य आपराधिक प्रकरण भी शामिल हैं। पिछले वर्ष से ही तेलीबांधा और पुरानी बस्ती जैसे क्षेत्रों में उसके खिलाफ लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। इससे स्पष्ट हुआ कि सूदखोरी का जाल कई इलाकों में फैला हुआ था और आम नागरिक इससे परेशान थे।
प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक इस पूरे प्रकरण की सुनवाई कमिश्नरी कोर्ट में की गई, जहां प्रस्तुत साक्ष्यों और दर्ज मामलों पर विस्तार से विचार हुआ। सुनवाई के उपरांत कोर्ट ने आरोपी को जेल भेजने का आदेश दिया। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने और सूदखोरी जैसी अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी। इस कदम से शहर में अवैध उधारी के कारोबार पर लगाम लगाने और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
