छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मल्टीलेवल पार्किंग से 36 लाख 50 हजार रुपये गायब होने के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने इसलिए भी सभी को चौंका दिया क्योंकि चोरी का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं बल्कि पीड़ित का करीबी दोस्त ही निकला। जानकारी के अनुसार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पिरदा निवासी ज्ञानप्रकाश पांडे 16 फरवरी को जमीन से जुड़े एक सौदे के सिलसिले में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रजिस्ट्री ऑफिस पहुंचे थे। उन्होंने अपनी कार महतारी चौक स्थित मल्टीलेवल पार्किंग में खड़ी की थी।
कार में बड़ी रकम होने के कारण ज्ञानप्रकाश ने अपने मित्र नितिन सोनी को कार की चाबी सौंप दी और स्वयं ऑफिस के अंदर चले गए। कुछ समय बाद नितिन ने फोन कर बताया कि कार में रखे सफेद बैग से 36.50 लाख रुपये चोरी हो गए हैं। सूचना मिलते ही ज्ञानप्रकाश मौके पर पहुंचे और जांच करने पर रकम गायब मिली। शुरुआत में मामला सामान्य चोरी का प्रतीत हुआ, लेकिन जब नितिन से गहराई से पूछताछ की गई तो उसके जवाब संतोषजनक नहीं मिले, जिससे शक गहरा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपयुक्त के निर्देश पर एंटी क्राइम और साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की। पार्किंग क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक संदिग्ध स्कूटी सवार की गतिविधियां सामने आईं। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया और पाया कि यह सुनियोजित साजिश थी। अंततः पुलिस ने पीड़ित के दोस्त समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से स्पष्ट हुआ कि भरोसे का गलत फायदा उठाकर अपराध को अंजाम दिया गया, जिसने शहरवासियों को हैरान कर दिया।
