छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में एक अलग तरह की शादी देखने को मिली। यहां दुल्हन देवमुनि एक्का खुद बारात लेकर दूल्हे बिलासुस बरवा के घर पहुंची। शादी मसीही रीति-रिवाज से हुई, जहां कन्यादान की जगह ‘वरदान’ हुआ।
दुल्हन के घर में कोई बेटा नहीं है, इसलिए उसके पिता ने दूल्हे को अपने घर लाने का फैसला किया। शादी के बाद दूल्हे की विदाई हुई और वह भावुक होकर रो पड़ा। परिवार ने यह फैसला अपनी जरूरत के अनुसार लिया और बिना दहेज के शादी की।
