छत्तीसगढ़ के बिलासपुर नगर निगम में टैक्स वसूली को लेकर बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आया है। निगम की ऑडिट टीम ने तिफरा जोन-02 की जांच के दौरान 15 लाख 62 हजार 654 रुपए का गंभीर वित्तीय गबन पकड़ा है। जांच में सामने आया कि वसूला गया टैक्स निगम के खाते में जमा ही नहीं कराया गया और संबंधित राशि लेकर कर्मचारी फरार हो गया।
कैसे पकड़ा गया घोटाला?
ऑडिट टीम ने तिफरा जोन-02 की पिछले वर्षों (2022-23 से 2024-25) की टैक्स रिकॉर्ड, रसीद बुक, बैंक एंट्री और कैशबुक का मिलान किया।जांच में पता चला कि वसूली तो दर्ज है, लेकिन राशि बैंक में जमा नहीं हुई। इसके बाद टीम ने रिपोर्ट निगम प्रशासन को सौंप दी।
कौन है जिम्मेदार?
जोन-02 में वसूली की जिम्मेदारी ARI रामनारायण देवांगन के पास थी।
लेकिन उन्होंने वसूली का काम प्लेसमेंट स्टाफ कर्मचारी आशीष कौशिक को दे दिया था।घोटाला खुलते ही आशीष कौशिक पुलिस की नजरों से फरार हो गया।प्रशासन इसे विभागीय बड़ी चूक मान रहा है, क्योंकि टैक्स जैसा संवेदनशील काम प्लेसमेंट स्टाफ को सौंप दिया गया था।
पहले भी मिल चुकी हैं गड़बड़ियां
निगम के रिकॉर्ड में इससे पहले भी कई अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं।स्पायरो कंपनी के समय भी टैक्स में हेराफेरी के मामले उजागर हुए थे।कहीं टैक्स की डिमांड कम कर दी गई थी, कहीं ज्यादा वसूली करके रकम जमा ही नहीं कराई गई थी।
अब जब निगम के कर्मचारी ही गबन में पकड़े जा रहे हैं, तो प्रशासन को आशंका है कि आगे और बड़े घोटाले सामने आ सकते हैं।
प्रशासन की सख्ती – सभी 8 जोन में जांच
तिफरा जोन-02 में गड़बड़ी सामने आते ही नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने सभी 8 जोन में टैक्स वसूली की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
हर जोन में ऑडिट टीम अलग-अलग बिंदुओं पर जांच करेगी ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
