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September 8, 2026
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इजराइल-ईरान युद्ध: तेहरान में तेल डिपो पर हमला, ईरान की जवाबी बैलिस्टिक मिसाइलें हाइफा तक पहुंचीं

तेहरान/जेरूसलम, 15 जून 2025: मध्य-पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है, क्योंकि इजराइल ने ईरान के रक्षा मंत्रालय और तेहरान व बुशहर के तेल डिपो पर हवाई हमले किए। जवाब में, ईरान ने इजराइल पर उन्नत बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला बोला, जो हाइफा और तेल अवीव तक पहुंचीं। इस अभूतपूर्व संघर्ष ने दोनों देशों के बीच सीधी सैन्य टक्कर को और गंभीर कर दिया है।

क्या हुआ हमले में?

इजराइली वायुसेना ने शुक्रवार देर रात ‘ऑपरेशन राइजिंग लॉयन’ शुरू किया, जिसमें तेहरान के शाहरान तेल डिपो और बुशहर के साउथ पार्स गैस फील्ड को निशाना बनाया गया। इजराइली हमलों ने ईरान के रक्षा मंत्रालय मुख्यालय को भी हल्का नुकसान पहुंचाया। ईरानी मीडिया के अनुसार, तेहरान में एक 14 मंजिला आवासीय इमारत ढह गई, जिसमें 60 लोग मारे गए, जिनमें 20 बच्चे शामिल थे।

ईरान का जवाबी हमला

ईरान ने शनिवार देर रात और रविवार तड़के इजराइल पर लगभग 150 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इन हमलों में हाइफा, तेल अवीव और जेरूसलम में धमाके सुनाई दिए। इजराइली आपातकालीन सेवाओं ने बताया कि गलील क्षेत्र में एक अपार्टमेंट पर मिसाइल गिरने से चार लोगों की मौत हुई। ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि उनके मिसाइल हमले इजराइली लड़ाकू विमानों के ईंधन डिपो को निशाना बनाने के लिए थे।

वैश्विक प्रतिक्रिया और तनाव

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “हमने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा झटका दिया है और आगे और कड़े हमले होंगे।” दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने चेतावनी दी कि और हमले होने पर “जवाब और सख्त होगा।” अमेरिका ने स्पष्ट किया कि वह इजराइल के हमलों में शामिल नहीं था, लेकिन उसने ईरानी मिसाइलों को रोकने में मदद की।

आर्थिक प्रभाव

इजराइली हमलों के बाद तेल की कीमतों में 9% की बढ़ोतरी हुई, क्योंकि साउथ पार्स गैस फील्ड, जो ईरान की गैस उत्पादन का प्रमुख स्रोत है, प्रभावित हुआ। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की समीक्षा शुरू कर दी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम है।

बढ़ती जंग और ग्लोबल टेंशन

  • अमेरिका, UK और फ्रांस ने इजरायल को डिफेंस में सपोर्ट दिया, Patriot और Aegis सिस्टम एक्टिवेट हुए।
  • ईरान ने चेतावनी दी: “अगर पश्चिमी ताकतें हस्तक्षेप करेंगी, तो उनके बेस भी टारगेट होंगे।”

भारत पर असर:

  • कच्चा तेल महंगा, शेयर बाजार डांवाडोल
  • कच्चे तेल की कीमत 96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची।
  • सेंसेक्स 650 अंक गिरा, रुपया कमजोर हुआ।
  • सरकार हालात पर नजर बनाए हुए है।

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