रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अवैध रूप से रह रहे 10 बांग्लादेशी घुसपैठियों को पुलिस ने धर दबोचा है। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इन घुसपैठियों को इसी सप्ताह भारत-बांग्लादेश सीमा पर ले जाया जाएगा, जहां से बीएसएफ उन्हें उनके देश पहुंचाएगी। यह कार्रवाई “जय छत्तीसगढ़” अभियान के तहत की गई है, जिसके जरिए राज्य में अवैध प्रवासियों पर नकेल कसी जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये घुसपैठिए रायपुर के टिकरापारा और भिलाई इलाकों में छिपे हुए थे। स्थानीय खुफिया जानकारी और शिकायतों के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने इन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ में पता चला कि ये लोग बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रह रहे थे। पुलिस ने इनके पास से कुछ फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिनकी जांच जारी है।
क्या है “जय छत्तीसगढ़” अभियान?
“जय छत्तीसगढ़” अभियान के तहत राज्य पुलिस अवैध प्रवासियों और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। इस अभियान में अब तक कई संदिग्धों को पकड़ा जा चुका है। रायपुर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
16 से 20 जुलाई के बीच होगी डिपोर्टेशन की प्रक्रिया
केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद इन 10 घुसपैठियों को 16 से 20 जुलाई के बीच भारत-बांग्लादेश सीमा पर ले जाया जाएगा। इसके बाद बीएसएफ उन्हें बांग्लादेशी अधिकारियों के हवाले करेगी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी दायरे में होगी और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन किया जाएगा।
स्थानीय लोगों में राहत, लेकिन सवाल भी
रायपुर और भिलाई के स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है, लेकिन कई लोग यह सवाल भी उठा रहे हैं कि इतने लंबे समय तक ये घुसपैठिए कैसे छिपे रहे। पुलिस अब उन नेटवर्क की जांच कर रही है, जो इन अवैध प्रवासियों को शरण देने में शामिल हो सकते हैं।
