छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस समय उबाल आ गया जब राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे की गिरफ्तारी हुई। इस गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और पूरे राज्य में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने 33 जिलों में दो घंटे का चक्काजाम कर जनता और सरकार के सामने अपना विरोध जताया।
रायपुर में हुए प्रदर्शन के दौरान भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार अब अहमदाबाद से चलाई जा रही है और यहां की जनता की संपत्तियों को लूटा जा रहा है। उन्होंने विशेष रूप से अमन सिंह का नाम लेते हुए कहा कि वे पर्दे के पीछे से सरकार चला रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान कई जगह कांग्रेस कार्यकर्ता बसों के सामने लेट गए और बारिश में भी प्रदर्शन करते रहे। कोरबा में कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ जमकर विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह केवल एक गिरफ्तारी का मामला नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और जनता के अधिकारों पर हमला है।
इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है। कांग्रेस ने साफ किया है कि यह सिर्फ शुरुआत है और यदि सरकार ने दमनकारी रवैया नहीं छोड़ा तो आने वाले दिनों में प्रदेशभर में और बड़े आंदोलन किए जाएंगे। भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब देगी।
