8 अगस्त 2025 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर में केंद्रीय जांच एजेंसियों की एक बड़ी और अहम कार्रवाई देखने को मिली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीमों ने सुबह-सुबह एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर पूरे शहर में हलचल मचा दी। यह कार्रवाई महादेव सट्टा ऐप और शराब घोटाले जैसे बड़े आर्थिक अपराधों से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत की गई।
मुख्य घटनाक्रम:
इस संयुक्त छापेमारी की सबसे बड़ी बात यह रही कि कार्रवाई के दायरे में आईपीएस अधिकारी अभिषेक पल्लव भी आ गए, जो दुर्ग में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। सीबीआई और ईडी की टीमें उनके भिलाई स्थित सरकारी आवास पर सुबह 6 बजे पहुंचीं और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। इसके अलावा, दुर्ग के प्रमुख व्यवसायिक प्रतिष्ठान सहेली ज्वेलर्स के दुकान और निवास स्थानों पर भी छापेमारी की गई।
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों को संदेह है कि शराब घोटाले और महादेव ऐप से प्राप्त काले धन को सफेद करने के लिए इन ठिकानों का उपयोग किया गया। इसके चलते ही ईडी और सीबीआई ने संयुक्त रूप से यह कदम उठाया।
कार्रवाई का उद्देश्य:
पिछले कुछ वर्षों में छत्तीसगढ़ में आर्थिक अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। विशेष रूप से महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप और शराब वितरण प्रणाली से जुड़ी अनियमितताएं राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही हैं। इन मामलों में कई राजनीतिक और प्रशासनिक नाम सामने आए हैं। अभिषेक पल्लव जैसे वरिष्ठ अधिकारी के आवास पर छापा यह संकेत देता है कि जांच एजेंसियाँ अब ऊपरी स्तर तक जांच करने में पीछे नहीं हट रहीं।
