भोपाल में सोमवार, 12 मई को दोपहर में बाणगंगा चौराहे पर एक स्कूल बस ने रेड सिग्नल पर खड़े लोगों को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में एक लेडी डॉक्टर समेत दो लोगों की मौत हो गई और आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि बस का ब्रेक फेल हो गया था।
हादसे की वजह और घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की रफ्तार तेज थी और सिग्नल पर रेड लाइट थी। बस बाणगंगा घाटी से नीचे उतरते हुए एक दर्जन से अधिक वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। एक लेडी डॉक्टर बस के नीचे फंसकर आगे तक घिसटती रही। मौके से दो लोगों के शव को बाहर निकाला गया। हादसे होते ही आसपास के लोगों ने राहत बचाव कार्य शुरू किया।
बस की फिटनेस और इंश्योरेंस
आरटीओ के अनुसार, बस का फिटनेस, इंश्योरेंस और पीयूसी एक्सपायर हो चुके थे।
मृतक लेडी डॉक्टर की पहचान
हादसे में आयशा खान नामक बीएएमएस डॉक्टर की मौत हो गई। वह मुल्ला कॉलोनी की रहने वाली थीं और जेपी हॉस्पिटल में इंटर्नशिप कर रही थीं। डॉक्टर हॉस्पिटल से घर लौट रही थीं, तभी हादसे का शिकार हो गईं।
इस हादसे ने यह भी साबित किया है कि यात्री वाहनों की सुरक्षा मानकों की अनदेखी नहीं की जा सकती। समय पर फिटनेस और इंश्योरेंस न होने के बावजूद वाहनों का सड़कों पर चलना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह यात्रियों की जान के लिए भी खतरे की घंटी है।
