भारतमाला परियोजना में निजी निवेश को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। प्लांट की मलाई ऐसी चैट की गई कि उनका नाम ज़िर्म नहीं था, उन्हें भी करोड़ों का भुगतान कर दिया गया। जांच में सामने आया कि एक ही खसरा नंबर की जमीन पर दो-दो बार पासपोर्ट ले लिया गया। कई मामलों में ज़मीन पर कागज़ों को डाला गया है, जिसमें कहा गया है कि मजदूरों के बच्चों तक ज़मीन पर कागज़ों को डाला गया है।
अकादमी की स्थिति क्या है?
– जयपुर-दिल्ली एक्सप्रेसवे के लिए ज़मीन अधिग्रहण के दौरान फ़र्ज़ी फ़ाउंडेशन हुआ
– प्रशासन जिला और कुछ इंजीनियरों की रजिस्ट्री से खसरा नंबर में भाग
– एक ही प्लॉट को दो अलग-अलग हिस्सों में दो बार गैंग के लिए तोड़ दिया गया
-आरटीआई में खुलासा हुआ कि जमीन के नाम पर लाखों-करोड़ों का गबन हुआ
शक के मैदान में कौन-कौन हैं?
निष्कर्ष के अनुसार, इस साजिश में स्थानीय राजस्व अधिकारी, भू-माफिया और कुछ नेता शामिल हैं। इस मामले में दस्तावेज़ और दस्तावेज़ों को दस्तावेज़ में दर्ज किया जा रहा है।
अध्ययन हैं अवलोकन
एक नामांकन के नाम पर 3 नामांकित नामांकन किया गया, जिसमें कुछ महीनों में 6.5 करोड़ का भुगतान किया गया। जबकि असलियत में वह ज़मीन पर पहले ही अधिग्रहीत हो गया था।
