भारत के दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के दावे पर अब नीति आयोग में ही मतभेद सामने आ गए हैं। आयोग के सदस्य डॉ. अंशुल गर्ग ने साफ किया है कि भारत अभी पांचवें पायदान पर ही है। उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा आर्थिक रफ्तार बनी रही, तो भारत साल के अंत तक जापान को पछाड़कर चौथे स्थान पर पहुंच सकता है।
यह बयान आयोग के CEO बीवीआर सुब्रमण्यम के हालिया दावे के उलट आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “भारत अब जापान से आगे निकल गया है और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन चुका है।”
क्या कहा नीति आयोग के सदस्य ने?
डॉ. अंशुल गर्ग ने कहा, “हमारी इकोनॉमी तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन वर्तमान में हम जापान से पीछे हैं। GDP के आधिकारिक आंकड़े अभी इस बात की पुष्टि नहीं करते कि हम चौथे नंबर पर हैं। संभव है कि हम यह मुकाम जल्द ही हासिल कर लें, लेकिन अभी नहीं।”
CEO ने क्या कहा था?
नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रमण्यम ने कुछ दिन पहले एक प्रोग्राम में कहा था, “भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए चौथा स्थान हासिल कर लिया है। यह गर्व का विषय है कि हम अब सिर्फ अमेरिका, चीन और जर्मनी से पीछे हैं।”
GDP आंकड़े क्या कहते हैं?
देश GDP (ट्रिलियन डॉलर) स्रोत
अमेरिका 26.95 IMF 2024 अनुमान
चीन 17.7 IMF
जर्मनी 4.4 IMF
जापान 4.2 IMF
भारत 3.73 IMF
भारत की GDP में तेजी है, लेकिन डॉलर टर्म्स में अभी वह जापान से पीछे है।
रुपया कमजोर होने से GDP डॉलर में कम दिखती है, जबकि ग्रोथ रेट अधिक है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
अर्थशास्त्री डॉ. राकेश शर्मा कहते हैं, “नीति आयोग के भीतर इस तरह का विरोधाभास चिंता की बात है। भारत की ग्रोथ स्थायी है, लेकिन आंकड़ों की पुष्टि के बिना सार्वजनिक बयान देना संस्थान की साख पर असर डाल सकता है।”
क्या यह उपलब्धि जल्द मिल सकती है?
अगर भारत की GDP 6.5%-7% की दर से बढ़ती रही और रुपया स्थिर रहा तो भारत 2025 के पहले छः महीनों में जापान को पीछे छोड़ सकता है।
जापान की अर्थव्यवस्था में भी अस्थिरता है—अगर वहाँ ग्रोथ और धीमी हुई, तो भारत के आगे निकलने की संभावना बढ़ेगी।
