जस्टिस आर.एम. वर्मा के घर में बरामद हुए करोड़ों रुपये के कैश मामले में जांच पैनल की रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जिस स्टोररूम से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई थी, वह कोई बंद कमरा नहीं था, बल्कि परिवार द्वारा नियमित रूप से इस्तेमाल किया जा रहा था।
क्या कहती है जांच रिपोर्ट?
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परिवार द्वारा उपयोग में था स्टोररूम
जांच पैनल ने पुष्टि की है कि स्टोररूम में सिर्फ सामान नहीं रखा जाता था, बल्कि उसे एक्टिव यूस में लिया गया था। वहां परिवार के सदस्य आते-जाते रहते थे। -
आग के बाद हटाई गई थी नकदी
स्टोररूम में आग लगने की घटना के तुरंत बाद वहां से नकदी हटाने की कोशिशें शुरू हो गईं। CCTV फुटेज में दिखा कि कैसे कुछ लोगों ने उस क्षेत्र में तेज गतिविधियाँ कीं। -
CCTV फुटेज बना अहम सुराग
वीडियो फुटेज में संदिग्ध मूवमेंट कैद हुए हैं, जिससे यह साफ होता है कि आग लगने की घटना के बाद वहां कुछ छुपाने या हटाने की कोशिश की गई
जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी
अब यह मामला इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, ईडी और पुलिस की संयुक्त जांच के दायरे में आ चुका है। कैश का स्रोत क्या था? किस उद्देश्य से रखा गया? इन सवालों के जवाब ढूंढे जा रहे हैं।
परिवार का पक्ष
जस्टिस वर्मा के परिवार ने किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया है और जांच में सहयोग देने की बात कही है।
