कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की IPL 2025 जीत का जश्न उस समय त्रासदी में बदल गया, जब चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई और 50 से अधिक लोग घायल हो गए। इस हादसे ने न केवल शहर को हिलाकर रख दिया, बल्कि कर्नाटक सरकार को भी कटघरे में खड़ा कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे ‘प्रशासनिक विफलता’ करार देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के खिलाफ दर्ज FIR के बाद उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया और आज दोपहर 2:30 बजे सुनवाई तय की है।
क्या हुआ चिन्नास्वामी स्टेडियम में?
मंगलवार को RCB ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में पंजाब किंग्स को हराकर 18 साल बाद IPL 2025 का खिताब जीता। इस ऐतिहासिक जीत के जश्न में बुधवार को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम और विधान सौधा में एक भव्य विजय परेड और समारोह का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, राज्यपाल और कई मंत्रियों की मौजूदगी में RCB खिलाड़ियों को सम्मानित करने की योजना थी।
स्टेडियम की क्षमता 35,000 लोगों की थी, लेकिन उत्साह में डूबे 2-3 लाख प्रशंसक स्टेडियम के बाहर जमा हो गए। आयोजकों और पुलिस की भीड़ प्रबंधन में नाकामी के कारण स्थिति बेकाबू हो गई। प्रत्यक्षदर्शी अनिल कुमार ने बताया, “बैरियर्स टूट गए, लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे। कुछ लोग नीचे दब गए, और भीड़ अनियंत्रित होकर उनके ऊपर चलती चली गई।” इस हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें बच्चे, युवा और महिलाएं शामिल थे। 50 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें से 33 की हालत गंभीर है।
FIR और हाईकोर्ट की कार्रवाई
हादसे के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए FIR दर्ज की गई। कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस त्रासदी का स्वतः संज्ञान लिया और आज दोपहर 2:30 बजे सुनवाई निर्धारित की है। कोर्ट इस मामले में प्रशासनिक लापरवाही और भीड़ प्रबंधन की विफलता की जांच करेगा।
मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु शहरी उपायुक्त को 15 दिनों के भीतर मजिस्ट्रेट जांच पूरी करने का आदेश दिया है। सरकार ने मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजे और घायलों के लिए मुफ्त इलाज की घोषणा की है।
BJP का सरकार पर हमला
BJP ने इस हादसे को ‘राज्य प्रायोजित आपदा’ करार दिया और मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। BJP प्रवक्ता संबित पात्रा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा, “मुख्यमंत्री कहते हैं कि ऐसी भगदड़ तो होती रहती है। क्या 11 लोगों की जान इतनी सस्ती है? यह सरकार की लापरवाही का परिणाम है।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब पुलिस ने परेड की अनुमति देने से मना किया था, तो आयोजन की अनुमति कैसे दी गई।
कर्नाटक BJP अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कहा, “यह एक प्रचार स्टंट था, जिसके लिए कोई तैयारी नहीं की गई। खिलाड़ी होटल से निकलने से पहले ही भगदड़ शुरू हो गई थी। फिर भी विधान सौधा में समारोह क्यों हुआ?” उन्होंने हाईकोर्ट के सिटिंग जज से न्यायिक जांच और RCB मालिकों से मुआवजे की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा और सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी सरकार की लापरवाही की निंदा की। सूर्या ने कहा, “प्रचार के लिए लाखों लोगों को बिना व्यवस्था के बुलाया गया। यह सरकार की नाकामी का सबूत है।”
सरकार का बचाव और माफी
उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने हादसे के लिए सार्वजनिक माफी मांगी। उन्होंने कहा, “हमने 5,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी, लेकिन प्रशंसकों का उत्साह इतना ज्यादा था कि भीड़ को नियंत्रित करना असंभव हो गया। समारोह को 10 मिनट में समाप्त कर दिया गया।” उन्होंने घायलों से अस्पताल में मुलाकात की और हरसंभव सहायता का वादा किया।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, “हम इस त्रासदी की जिम्मेदारी लेते हैं और इस पर राजनीति नहीं करेंगे।” उन्होंने जनवरी 2025 में महाकुंभ मेला में हुई भगदड़ का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं, लेकिन इन्हें सामान्य नहीं माना जा सकता।
