July 21, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ के चावल में छुपा सेहत का फार्मूला: कैंसर-डायबिटीज से लड़ने में कारगर, विदेशों में भी बढ़ी डिमांड

जिस चावल को अब तक सिर्फ पेट भरने का साधन माना जाता था, अब वही चावल सेहत का सुपरफूड बनता जा रहा है। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक चावल अब कैंसर, डायबिटीज, कुपोषण और डायरिया जैसी बीमारियों से लड़ने में मददगार माने जा रहे हैं।

राज्य में धान की 23 हजार से ज्यादा परंपरागत वैराइटी पाई जाती हैं, जिनमें से कई प्रजातियां औषधीय गुणों से भरपूर हैं। रिसर्चर्स के अनुसार, इनमें कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स, एंटीऑक्सिडेंट, और फाइबर जैसे तत्व भरपूर मात्रा में हैं, जो ब्लड शुगर कंट्रोल और इम्युनिटी बूस्ट करने में मदद करते हैं।

सबसे खास बात यह है कि इन चावलों की डिमांड अब न सिर्फ भारत में, बल्कि चीन, जापान और अफ्रीकी देशों तक तेजी से बढ़ रही है। छत्तीसगढ़ सरकार अब इन पारंपरिक चावल किस्मों को ब्रांडिंग और इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है।

राज्य कृषि विभाग ने इन चावलों को “न्यूट्रिशनल हीरोज़” करार देते हुए स्थानीय किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ये चावल न केवल बीमारियों से लड़ने का माध्यम बनेंगे, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और किसान की आमदनी को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

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