रायपुर: छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव का दौर जारी है। राज्य सरकार ने 5 आईएएस अधिकारियों के प्रभार में फेरबदल किया है, वहीं 8 आईपीएस अधिकारियों को नक्सल प्रभावित इलाकों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह कदम नक्सल समस्या से निपटने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है।
आईएएस अधिकारियों के नए प्रभार
- रोहित यादव: पर्यटन विभाग की कमान, नए प्रोजेक्ट्स को गति देने का जिम्मा।
- अंकित आनंद: वाणिज्यिक कर विभाग में नई भूमिका, कर संग्रह को मजबूत करने पर जोर।
- हिमशिखर: खेल और गृह विभाग का अतिरिक्त प्रभार, युवा नीतियों को बढ़ावा।
- अविनाश: जन शिकायत विभाग में तैनात, जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता।
- चंदन कुमार: CEO, NRANVP के रूप में नियुक्त, ग्रामीण विकास पर विशेष फोकस।

आईपीएस की नक्सल क्षेत्रों में तैनाती
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 8 आईपीएस अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। इनमें कई चर्चित अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें नक्सल विरोधी अभियानों को तेज करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार का मकसद इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

क्यों हुआ यह फेरबदल?
सूत्रों के अनुसार, यह तबादले नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर समन्वय और प्रशासनिक सुधार के लिए किए गए हैं। हाल ही में नक्सल गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन सरकार इसे और नियंत्रित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। साथ ही, आईएएस अधिकारियों के प्रभार में बदलाव से विभिन्न विभागों में नई ऊर्जा लाने की कोशिश की गई है।
क्या है इसका असर?
- नक्सल क्षेत्रों में सुरक्षा: आईपीएस अधिकारियों की तैनाती से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस बल को मजबूती मिलेगी।
- प्रशासनिक दक्षता: आईएएस अधिकारियों के नए प्रभार से विभागों में तेजी से निर्णय लेने और योजनाओं को लागू करने की उम्मीद।
- जनता पर प्रभाव: जन शिकायत और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में सुधार से आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
