छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 राज्य के समग्र विकास की स्पष्ट रूपरेखा सामने रखता है। इस बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को उन्नत बनाने तथा महिलाओं और युवाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त करने पर विशेष बल दिया गया है। सरकार का संदेश साफ है—संतुलित विकास के माध्यम से हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना।
ग्रामीण विकास के तहत ‘विकसित भारत जी-राम योजना’ के लिए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों के सुनिश्चित रोजगार का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही ग्रामीण अधोसंरचना, सड़क निर्माण, जन सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाकर राज्य की आर्थिक नींव को मजबूत करना है।
शहरी विकास की दिशा में ‘मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना’ के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों में आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता और नागरिक सेवाओं में सुधार किया जाएगा। यह पहल शहरी जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री दुर्गामी सड़क संपर्क योजना’ के तहत 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे दो और चार लेन सड़कों का निर्माण होगा। वहीं ‘CG VAYU’ योजना के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान कर बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में हवाई सेवाओं को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे व्यापार, पर्यटन और आवागमन को गति मिलने की उम्मीद है।
शिक्षा क्षेत्र में ‘स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट शाला योजना’ के लिए 100 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिससे स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा। गरीब मेधावी छात्रों के लिए किराए के आवास की सुविधा हेतु विशेष प्रावधान किया गया है। युवाओं के प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘CG ACE’ योजना के अंतर्गत 33 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसमें NEET, JEE, CLAT, UPSC और CGPSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी को समर्थन मिलेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में शासकीय कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा हेतु 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह कदम स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत ‘रानी दुर्गावती योजना’ के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर बेटियों को 1.50 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट की घोषणा भी की गई है। इसके अलावा महतारी वंदन योजना, आंगनबाड़ी संचालन, पूरक पोषण आहार और कुपोषण मुक्ति कार्यक्रमों के लिए भी बड़े बजटीय प्रावधान किए गए हैं।
धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री आस्था पथ योजना’ तथा ‘छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना’ के लिए भी बजट निर्धारित किया गया है, जिससे राज्य के प्रमुख शक्ति पीठों और ऐतिहासिक स्थलों के विकास को गति मिलेगी।
कुल मिलाकर बजट 2026-27 राज्य में समावेशी विकास की परिकल्पना को साकार करने का प्रयास है। रोजगार, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित यह बजट आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को नई दिशा देने की क्षमता रखता है।
